BIBLEPAGE.NET

इंटरनेट पर एक आराम से पढ़ने बाइबिल

आज का वचन

और यीशु सब नगरों और गांवों में फिरता रहा और उन की सभाओं में उपदेश करता, और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और हर प्रकार की बीमारी और दुर्बलता को दूर करता रहा।

मत्ती 9:35


 

अध्याय 15



1फिर कितने लोग यहूदिया से आकर भाइयों को सिखाने लगे कि यदि मूसा की रीति पर तुम्हारा खतना न हो तो तुम उद्धार नहीं पा सकते।
2जब पौलुस और बरनबास का उन से बहुत झगड़ा और वाद-विवाद हुआ तो यह ठहराया गया, कि पौलुस और बरनबास, और हम में से कितने और व्यक्ति इस बात के विषय में यरूशलेम को प्रेरितों और प्राचीनों के पास जांए।
3सो मण्डली ने उन्हें कुछ दूर तक पहुंचाया; और वे फीनीके ओर सामरिया से होते हुए अन्यजातियों के मन फेरने का समाचार सुनाते गए, और सब भाइयों को बहुत आनन्दित किया।
4जब यरूशलेम में पहुंचे, तो कलीसिया और प्रेरित और प्राचीन उन से आनन्द के साथ मिले, और उन्होंने बताया कि परमेश्वर ने उन के साथ होकर कैसे कैसे काम किए थे।
5परन्तु फरीसियों के पंथ में से जिन्हों ने विश्वास किया था, उन में से कितनों ने उठकर कहा, कि उन्हें खतना कराना और मूसा की व्यवस्था को मानने की आज्ञा देना चाहिए।
6तब प्रेरित और प्राचीन इस बात के विषय में विचार करने के लिये इकट्ठे हुए।
7तब पतरस ने बहुत वाद-विवाद के बाद खड़े होकर उन से कहा॥ हे भाइयो, तुम जानते हो, कि बहुत दिन हुए, कि परमेश्वर ने तुम में से मुझे चुन लिया, कि मेरे मुंह से अन्यजाति सुसमाचार का वचन सुनकर विश्वास करें।
8और मन के जांचने वाले परमेश्वर ने उन को भी हमारी नाईं पवित्र आत्मा देकर उन की गवाही दी।
9और विश्वास के द्वारा उन के मन शुद्ध कर के हम में और उन में कुछ भेद न रखा।
10तो अब तुम क्यों परमेश्वर की परीक्षा करते हो कि चेलों की गरदन पर ऐसा जूआ रखो, जिसे न हमारे बाप दादे उठा सके थे और न हम उठा सकते।
11हां, हमारा यह तो निश्चय है, कि जिस रीति से वे प्रभु यीशु के अनुग्रह से उद्धार पाएंगे; उसी रीति से हम भी पाएंगे॥
12तब सारी सभा चुपचाप होकर बरनबास और पौलुस की सुनने लगी, कि परमेश्वर ने उन के द्वारा अन्यजातियों में कैसे कैसे चिन्ह, और अद्भुत काम दिखाए।
13जब वे चुप हुए, तो याकूब कहने लगा, कि॥
14हे भाइयो, मेरी सुनो: शमौन ने बताया, कि परमेश्वर ने पहिले पहिल अन्यजातियों पर कैसी कृपा दृष्टि की, कि उन में से अपने नाम के लिये एक लोग बना ले।
15और इस से भविष्यद्वक्ताओं की बातें मिलती हैं, जैसा लिखा है, कि।
16इस के बाद मैं फिर आकर दाऊद का गिरा हुआ डेरा उठाऊंगा, और उसके खंडहरों को फिर बनाऊंगा, और उसे खड़ा करूंगा।
17इसलिये कि शेष मनुष्य, अर्थात सब अन्यजाति जो मेरे नाम के कहलाते हैं, प्रभु को ढूंढें।
18यह वही प्रभु कहता है जो जगत की उत्पत्ति से इन बातों का समाचार देता आया है।
19इसलिये मेरा विचार यह है, कि अन्यजातियों में से जो लोग परमेश्वर की ओर फिरते हैं, हम उन्हें दु:ख न दें।
20परन्तु उन्हें लिख भेंजें, कि वे मूरतों की अशुद्धताओं और व्यभिचार और गला घोंटे हुओं के मांस से और लोहू से परे रहें।
21क्योंकि पुराने समय से नगर नगर मूसा की व्यवस्था के प्रचार करने वाले होते चले आए है, और वह हर सब्त के दिन अराधनालय में पढ़ी जाती है।
22तब सारी कलीसिया सहित प्रेरितों और प्राचीनों को अच्छा लगा, कि अपने में से कई मनुष्यों को चुनें, अर्थात यहूदा, जो बरसब्बा कहलाता है, और सीलास को जो भाइयों में मुखिया थे; और उन्हें पौलुस और बरनबास के साथ अन्ताकिया को भेजें।
23और उन के हाथ यह लिख भेजा, कि अन्ताकिया और सूरिया और किलिकिया के रहने वाले भाइयों को जो अन्यजातियों में से हैं, प्रेरितों और प्राचीन भाइयों का नमस्कार!
24हम ने सुना है, कि हम में से कितनों ने वहां जाकर, तुम्हें अपनी बातों से घबरा दिया; और तुम्हारे मन उलट दिए हैं परन्तु हम ने उन को आज्ञा नहीं दी थी।
25इसलिये हम ने एक चित्त होकर ठीक समझा, कि चुने हुऐ मनुष्यों को अपने प्यारे बरनबास और पौलुस के साथ तुम्हारे पास भेजें।
26ये तो ऐसे मनुष्य हैं, जिन्हों ने अपने प्राण हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम के लिये जोखिम में डाले हैं।
27और हम ने यहूदा और सीलास को भेजा है, जो अपने मुंह से भी ये बातें कह देंगे।
28पवित्र आत्मा को, और हम को ठीक जान पड़ा, कि इन आवश्यक बातों को छोड़; तुम पर और बोझ न डालें;
29कि तुम मूरतों के बलि किए हुओं से, और लोहू से, और गला घोंटे हुओं के मांस से, और व्यभिचार से, परे रहो। इन से परे रहो; तो तुम्हारा भला होगा आगे शुभ॥
30फिर वे विदा होकर अन्ताकिया में पहुंचे, और सभा को इकट्ठी करके वह उन्हें पत्री दे दी।
31और वे पढ़कर उस उपदेश की बात से अति आनन्दित हुए।
32और यहूदा और सीलास ने जो आप भी भविष्यद्वक्ता थे, बहुत बातों से भाइयों को उपदेश देकर स्थिर किया।
33वे कुछ दिन रहकर भाइयों से शान्ति के साथ विदा हुए, कि अपने भेजने वालों के पास जाएं।
34(परन्तु सीलास को वहां रहना अच्छा लगा।)
35और पौलुस और बरनबास अन्ताकिया में रह गए: और बहुत और लोगों के साथ प्रभु के वचन का उपदेश करते और सुसमाचार सुनाते रहे॥
36कुछ दिन बाद पौलुस ने बरनबास से कहा; कि जिन जिन नगरों में हम ने प्रभु का वचन सुनाया था, आओ, फिर उन में चलकर अपने भाइयों को देखें; कि कैसे हैं।
37तब बरनबास ने यूहन्ना को जो मरकुस कहलाता है, साथ लेने का विचार किया।
38परन्तु पौलुस ने उसे जो पंफूलिया में उन से अलग हो गया था, और काम पर उन के साथ न गया, साथ ले जाना अच्छा न समझा।
39सो ऐसा टंटा हुआ, कि वे एक दूसरे से अलग हो गए: और बरनबास, मरकुस को लेकर जहाज पर कुप्रुस को चला गया।
40परन्तु पौलुस ने सीलास को चुन लिया, और भाइयों से परमेश्वर के अनुग्रह पर सौंपा जाकर वहां से चला गया।
41और कलीसियाओं को स्थिर करता हुआ, सूरिया और किलिकिया से होते हुआ निकला॥



पढ़ना :
-उत्पत्ति निर्गमन लैव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजा 2 राजा 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेमायाह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्दाह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी मत्ती मरकुस लूका यूहन्ना प्रेरितों के काम रोमियो 1 कुरिन्थियों 2 कुरिन्थियों गलातियों इफिसियों फिलिप्पियों कुलुस्सियों 1 थिस्सलुनीकियों 2 थिस्सलुनीकियों 1 तीमुथियुस 2 तीमुथियुस तीतुस फिलेमोन इब्रानियों याकूब 1 पतरस 2 पतरस 1 यूहन्ना 2 यूहन्ना 3 यूहन्ना यहूदा प्रकाशित वाक्य
  • विदेशी संस्करण  
  • English
  • Français
  • Deutsch
  • Español
  • Português
  • Italiano
  • Nederlands
  • Român
  • Dansk
  • Svensk
  • Suomi
  • Norsk
  • Čeština
  • русский
  • Український
  • Български
  • Polski
  • Hrvatski
  • Magyar
  • Shqiptar
  • עברית
  • Türk
  • 圣经
  • 聖經
  • 한국의
  • 日本語
  • Tiêng Viêt
  • ภาษาไทย
  • Tagalog
  • Indonesia
  • हिन्दी
  • தமிழ்
  • ਪੰਜਾਬੀ
  • اردو
  • Somali
  • Kiswahili
  • العربية